पात्रता नियमों का स्पष्टीकरण 

शिक्षा-शास्त्री पाठ्यक्रम केवल उन्हीं अभ्यर्थियों के लिए है जिन्होंने शास्त्री/आचार्य परीक्षा उत्तीर्ण की है अथवा स्नातक/स्नातकोत्तर डिग्री संस्कृत विषय के साथ उत्तीर्ण की है | बी.ए. में संस्कृत विषय के बिना एम.ए. संस्कृत होने पर भी अभ्यर्थी शिक्षा-शास्त्री पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने की पात्रता रखता है | परन्तु ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने संस्कृत अतिरिक्त विषय लेकर तीन वर्षों की परीक्षा एक ही वर्ष में उत्तीर्ण की है, वे शिक्षा-शास्त्री में प्रवेश लेने की पात्रता नहीं रखते हैं | किन्तु ऐसे अभ्यर्थियों में यदि आचार्य/स्नातकोत्तर संस्कृत कर लिया है तथा उसमें न्यूनतम अहर्ता अंक प्राप्त कर लिये हैं तो वे इस पाठ्यक्रम की पात्रता रखते हैं |